भारत के घरों में छिपा है 450 लाख करोड़ रुपये का खजाना, जीडीपी से भी अधिक वैल्यू

नई दिल्‍ली
 भारतीयों का सोने के प्रति प्रेम जगजाहिर है. सोने की कीमतों में आई रिकॉर्ड तोड़ तेजी के कारण भारतीय घरों में रखे सोने का कुल मूल्य अब 5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 450 लाख करोड़ रुपये) के पार निकल गया है. भारतीय घरों में रखे सोने की वैल्‍यू अब भारत की जीडीपी का लगभग 125% हो गई है. आईएमएफ के वर्ल्‍ड इकोनॉमिक आउटलुट के अनुसार, 2025-26 के लिए भारत की नॉमिनल जीडीपी 4.125 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया है। 

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी, 2026 तक भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने का मूल्‍य अब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के कुल मार्केट कैप के करीब पहुंच गया है. जहां बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण 460 लाख करोड़ रुपये है, वहीं घरों में रखे सोने की कीमत 445 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है. रिपोर्ट के लेखक संजीव प्रसाद, अनिंद्य भौमिक और सुनीता बलदावा का कहना है कि अब यह सोना भारतीय परिवारों की गैर-रियल एस्टेट संपत्ति का लगभग 65% हिस्सा बन चुका है। 

सोने पर सबसे ज्‍यादा भरोसा
भारतीय अब बैंक या शेयर बाजार से ज्या
दा सोने पर भरोसा कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, घरों में रखे सोने का मूल्य उनके कुल बैंक डिपॉजिट और इक्विटी निवेश के संयुक्त मूल्य का लगभग 175% है. पिछले पांच वर्षों में भारतीय घरों में रखे सोने की वैल्‍यू में जोरदार इजाफा हुआ है. मार्च 2019 में जिस सोने की वैल्यू 109 लाख करोड़ रुपये थी, वह जनवरी 2026 तक चार गुना से अधिक बढ़कर 445 लाख करोड़ रुपये हो गई है। 

अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती
कोटक की रिपोर्ट भारतीय घरों में रखे सोने को अर्थव्यवस्था के लिए एक चुनौती के रूप में देखती है. विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल भारी मात्रा में सोने की खरीद असल में वित्तीय बचत जैसे बैंक जमा को भौतिक संपत्तियों में बदलने जैसा है. इसे एक प्रकार का घरेलू पूंजी का निर्यात माना जा सकता है क्योंकि भारत अपनी सोने की अधिकांश मांग आयात के जरिए पूरी करता है। 

 

#gold

Source : Agency

7 + 15 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881