वास्तु शास्त्र के अनुसार भंडार घर में रखें कुछ बातों का ध्यान, मां अन्नपूर्णा करेगी वास

आमतौर पर घर का रोजमर्रा उपयोग होने वाला सामान और राशन की खरीददारी इकट्ठी ही कर ली जाती है ताकि आवश्यकता पड़ने पर बाजार की ओर न दौड़ना पड़े। इन सारी वस्तुओं को व्यवस्थित करने के लिए घर में एक कमरा अलग से रखा जाता है, जिसे भंडार घर कहा जाता है। भंडार घर में अनाज और बाकी सामान को सहज कर रखा जाता है। भंडार घर को हमेशा साफ-सुथरा और स्वच्छ रखें ताकि इसमें मां अन्नपूर्णा का वास हो सके और घर में सदा उनकी कृपा बनी रहे। वास्तु शास्त्र के अनुसार भंडार घर के स्थान और चीजों के रखरखाव के लिए कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं। जिनका पालन करने से सोया भाग्य जागता है, खाली तिजोरी भरती है और घर में खुशहाली की वर्षा होती है।

घर में समृद्धि बनाए रखने के लिए भंडार घर में डिब्बे या कनस्तर खाली न रखें। जब भी कोई डिब्बा पूर्ण रूप से खाली हो जाए तो उसमें थोड़ा सा अन्न बचा कर रखें।

भंडार घर में घी, तेल, मिट्टी का तेल एवं गैस सिलेंडर आदि को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें।

आग्नेय कोण में भंडार घर का निर्माण आर्थिक तंगी उत्पन्न करता है।

भंडार घर दक्षिण दिशा में हो तो घर में कलह का माहौल बना रहता है।

भंडार घर के उत्तर-पूर्व में जल से भरा पात्र रखने से परिवार के सदस्यों में प्रेम बढ़ता है।

भंडार घर की स्टोरेज कैबिनेट पश्चिमी एवं उत्तरी दिशा में बनवाएं। भंडार घर का दरवाजा दक्षिण-पश्चिम कोने में न बनवा कर अन्य किसी भी दिशा में बनवा सकते हैं।

भंडार घर में कभी भी फालतू एवं रद्दी वस्तुओं का ज्यादा दिन तक भंडारण न करें।

 

Source : Agency

13 + 13 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881