'नर्मदा' नाम से जुड़ा चिकन ब्रिड विवाद, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

हरदा
 एक प्राइवेट कॉलेज ने मुर्गियों की बिक्री का विज्ञापन दिया है। इस विज्ञापन में एक नस्ल का नाम 'नर्मदा' लिखा था। इससे बड़ा विवाद हो गया। नर्मदा नदी को मानने वाले लोगों ने इस नाम पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यह उनकी धार्मिक भावनाओं का अपमान है। नर्मदा नदी के भक्तों, खासकर नर्मदीय ब्राह्मण समाज ने इसका विरोध किया। समाज के लोगों ने कॉलेज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की। कॉलेज ने कहा कि उसका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन, समाज के लोग नाम हटाने की मांग पर अड़े रहे और चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।

जिला कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन

नर्मदीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अशोक पराशर के नेतृत्व में समाज के सदस्य जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने संयुक्त कलेक्टर संजीव कुमार नागू को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 'नर्मदा' नाम का गहरा धार्मिक महत्व है। यह उस देवी से जुड़ा है जिसकी लाखों लोग पूजा करते हैं। खासकर नर्मदा घाटी क्षेत्र में।

कॉलेज ने दिया है विज्ञापन

विवाद तब शुरू हुआ जब कॉलेज ने मुर्गियों की बिक्री के लिए एक विज्ञापन जारी किया। इसमें 'नर्मदा' और 'सोनाली' नाम की नस्लों का उल्लेख था। समाज के सदस्यों ने दावा किया कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। खासकर सनातन धर्म के अनुयायियों और नर्मदा के भक्तों की।

जबलपुर के पोल्ट्री सेंटर से लिए नाम

कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए नाम जबलपुर के एक पोल्ट्री सेंटर से लिए गए थे। उस सेंटर में नस्लों के नाम कड़कनाथ, नर्मदा और सोनाली थे। कॉलेज का कहना है कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। संस्थान के निदेशक राजीव खरे से संपर्क नहीं हो सका।

नर्मदा नाम हटाने की मांग

नर्मदीय ब्राह्मण समाज ने तुरंत चिकन नस्ल से 'नर्मदा' नाम हटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे आंदोलन करेंगे। अशोक पराशर ने कहा कि नाम हटाने तक वे विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी धार्मिक आस्था से जुड़ा है और वे इसे हल्के में नहीं लेंगे।

कॉलेज से माफी की मांग

विज्ञापन में 'नर्मदा' नाम के इस्तेमाल से लोगों में गुस्सा है। वे कॉलेज से माफी मांगने और नाम बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि 'नर्मदा' नदी उनके लिए पवित्र है और इसका इस्तेमाल मुर्गियों के नाम के लिए करना गलत है।

 

 

#Narmada Brahmin community

Source : Agency

1 + 15 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881