अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारी, 9 जुलाई को मशहद में होगा अंतिम संस्कार; भारी जनसैलाब की संभावना

तेहरान 
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तारीख की घोषणा कर दी गई है. तेहरान प्रशासन के अनुसार राजकीय अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 4 जुलाई से शुरू होगी, जबकि 9 जुलाई को उन्हें मशहद में दफनाया जाएगा. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में मुहर्रम के आयोजनों का दौर जारी है। 

तेहरान के मेयर अलीरेज़ा ज़कानी ने बताया कि मरहूम सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार टाल दिया गया है. खामेनेई को लेकर पहले जो कार्यक्रम तय किया गया था, उसमें बदलाव किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि मुहर्रम के दौरान होने वाले पारंपरिक आयोजनों और शोक सभाओं पर असर न पड़े। 

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी को दिए बयान में अलीरेजा जकानी ने कहा कि अंतिम संस्कार मुहर्रम के 10 दिनों के बाद करने का फैसला लिया गया है. यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि लोग इमाम हुसैन के लिए अपना वार्षिक शोक पूरी श्रद्धा और परंपरा के साथ मना सकें. शिया समुदाय के लिए इमाम हुसैन का विशेष महत्व है। 

680 CE में कर्बला की लड़ाई में उनकी शहादत को याद करते हुए हर वर्ष मुहर्रम के दौरान बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इसी वजह से अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम  4 जुलाई से शुरू होगा और 9 जुलाई को मशहद में उन्हें दफनाया जाएगा. इस दौरान भारी जनसमूह के जुटने की उम्मीद है। 

अमेरिकी-इजराइली हमले में हुई थी मौत
लेकिन मेयर अलीरेजा जकानी ने न्यूज एजेंसी के एक बयान में कहा कि समारोह को मुहर्रम के पहले 10 दिनों के बाद तक के लिए टाल दिया गया है, ताकि लोग इमाम हुसैन के लिए अपना सालाना शोक पूरा कर सकें. हुसैन 680 CE में कर्बला की लड़ाई में मारे गए शुरुआती शिया नेता थे। 

इसका मतलब है कि खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से शुरू होगा. तेहरान के अधिकारियों ने पहले कहा था कि उन्हें 20 मिलियन लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। 

दफनाये जाने का कार्यक्रम मूल रूप से मार्च में निर्धारित था, लेकिन युद्ध के कारण स्थगित कर दिया गया था. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, इसके पहले 4 जुलाई से तेहरान में तीन दिनों तक अंतिम संस्कार समारोह चलेगा, जिसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम में एक और समारोह होगा। 

दफनाए जाने के कार्यक्रम में हुई देरी
ईरानी अधिकारियों ने घोषणा की है कि पूर्व सर्वोच्च नेता को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में मारे जाने के 132 दिन बाद 9 जुलाई को उनके गृहनगर मशहद में दफनाया जाएगा. यह ऐसे समय में आया है जब खामेनेई के दफनाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जबकि उनकी हत्या के 100 से अधिक दिन बीत चुके हैं। 

मूल रूप से दफनाया जाने का कार्यक्रम मार्च में होने की उम्मीद थी, लेकिन संघर्ष और सुरक्षा चिंताओं, उनके अवशेषों की स्थिति और उनके बेटे और उत्तराधिकारी, मोजतबा खामेनेई को सत्ता के हस्तांतरण को लेकर महीनों तक चली अटकलों के बीच इसमें देरी हुई। 

एक अनुमान के अनुसार मरहूम सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में दुनियाभर से करीब दो करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं. यही वजह है कि सुरक्षा, यातायात और सार्वजनिक व्यवस्थाओं को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. अली खामेनेई ने लगभग 37 वर्षों तक इस्लामिक रिपब्लिक का नेतृत्व किया था। 

रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को US और इजरायल ने अपने संयुक्त हमलों में सेंट्रल तेहरान स्थित अली खामेनेई के घर में उनको मार दिया था. इसी दिन मिडिल ईस्ट शुरू हुआ था. उनकी मौत के बाद 4 मार्च को राजकीय अंतिम संस्कार आयोजित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन युद्ध की वजह से स्थगित कर दिया गया। 

ईरान सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार की नई तारीखों की घोषणा के बाद देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं. तेहरान से लेकर मशहद तक होने वाले इन कार्यक्रमों पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह आयोजन ईरान के इतिहास की सबसे बड़ी सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभाओं में से एक माना जा रहा है। 

 

#Ali Khamenei

Source : Agency

14 + 13 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881