मुंबई
रणवीर सिंह, फिल्म 'डॉन 3' को लेकर विवादों में हैं. फरहान अख्तर की पिक्चर से बाहर होने के बाद से उन्हें एक के बाद एक मुसीबत का सामना करना पड़ा रहा है. हाल ही में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने उनपर बैन लगा दिया था. इसके बाद खबर आई कि एक्टर ने FWICE को लीगल नोटिस भेजा है. अब FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी अपने नॉन-कोऑपरेशन निर्देश को वापस ले लिया है।
जानकारी के मुताबिक, संगठन ने कहा, 'हम लीगल नोटिस का कानूनी तरीके से जवाब देंगे. हम अभी भी रणवीर सिंह से अपील कर रहे हैं. हम उन्हें आमंत्रित करते हैं कि वे हमारे साथ बैठकर इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाएं और इंडस्ट्री के हितों की रक्षा करें।
FWICE के निर्देश को रणवीर सिंह ने दी चुनौती
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने बताया कि FWICE को असहयोग नोटिस मामले में रणवीर सिंह की ओर से कानूनी नोटिस मिला है। उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एसोसिएशन ने इस पूरे मामले पर बातचीत के लिए आज मुंबई में एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने का फैसला किया है। हालांकि,अशोक पंडित ने इसका खुलासा नहीं किया है कि इस नोटिस में क्या लिखा है, लेकिन अभिनेता के नोटिस के बाद ये मामला और गर्माता नजर आ रहा है।
FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किया था नोटिस
जानकारी के लिए बता दें कि पिछले महीने ही फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ (FWICE) ने फरहान अख्तर के प्रोडक्शन की फिल्म 'डॉन 3' आखिरी मौके पर छोड़ने को लेकर रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग नोटिस (NCD) जारी किया था। ANI द्वारा शेयर की गई विज्ञप्ति में FWICE ने कहा कि उसने रणवीर सिंह के कथित तौर पर अचानक प्रोजेक्ट से बाहर होने के संबंध में इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) ने शिकायत भेजी थी, जिसे संज्ञान में लेते हुए रणवीर के खिलाफ नॉन को-ऑपरेशनल नोटिस जारी किया गया है। फरहान अख्तर ने 11 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए FWICE को सौंप दिया गया।
शूटिंग से ठीक पहले पीछे हटे रणवीर
रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर सिंह ने 'डॉन 3' की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले इस फिल्म से अपने हाथ पीछे खींच लिए, जिसके बाद उनके और फिल्म का निर्माण कर रहे फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बीच तनाव बढ़ गया। इस फिल्म का निर्माण 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' के तहत किया जा रहा है। रणवीर के शूटिंग से कुछ दिन पहले पीछे हटने से मेकर्स को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा, जिसके बाद मामला बढ़ता गया और फिर FWICE के पास जा पहुंचा। रणवीर सिंह के इस तरह आखिरी मौके पर फिल्म छोड़ने के बाद फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी, मुख्य सलाहकार अशोक पंडित, मानद महासचिव अशोक दुबे सहित शीर्ष नेतृत्व ने एक महत्वपूर्ण आंतरिक बैठक की। इस बैठक के बाद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर FWICE द्वारा इंडस्ट्री को इस फैसले की जानकारी दी गई थी।
क्या है पूरा मामला?
ये पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने फिल्म 'डॉन 3' को छोड़ दिया. जानकारी के मुताबिक, पिक्चर की शूटिंग शुरू होने से 10 दिन पहले एक्टर उससे बाहर हो गए थे. ये दावा किया गया कि रणवीर के 'डॉन 3' छोड़ने से फरहान अख्तर को करोड़ों का नुकसान हुआ. फरहान अख्तर ने रणवीर से 40 करोड़ रुपये के नुकसान भरपाई की मांग की थी, जिसे एक्टर ने नहीं भरा।
इसके बाद फरहान अख्तर ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) में शिकायत की. इसके चलते FWICE ने रणवीर के खिलाफ नॉन कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी कर दिया. पूरी इंडस्ट्री के सामने ऐलान किया गया कि अब रणवीर सिंह के साथ काम नहीं किया जाएगा. FWICE के इसी फैसले का विरोध करते हुए रणवीर सिंह ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा था. इसी के बदले FWICE ने अपना फैसला वापस लेते हुए एक्टर से बातचीत की अपील की है।
FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ क्यों लिया 'बैन' का फैसला
हालांकि, अशोक पंडित ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि रणवीर सिंह के लीगल नोटिस में क्या लिखा है। लेकिन सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि FWICE ने एक्टर के खिलाफ 'नॉन कॉपरेशन नोटिस' क्यों जारी किया। मोटे तौर पर यह फैसला फरहान अख्तर की उस शिकायत के आधार पर लिया गया था, जो इस साल की शुरुआत में उन्होंने रणवीर सिंह के खिलाफ की थी। अपने आधिकारिक बयान में, फेडरेशन ने बताया कि 'डॉन 3' को लेकर करीब तीन साल तक सारी तैयारी करने के बाद रणवीर सिंह ने अचानक शूटिंग शुरू होने से तीन हफ्ते पहले यह फिल्म छोड़ दी। एक्टर का रवैया सही नहीं था और तीन बार फेडरेशन की ओर से समन भेजने के बावजूद रणवीर ने बात करने से इनकार कर दिया। बयान में कहा गया, 'फेडरेशन और इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के प्रति दिखाए गए रवैये को देखते हुए, FWICE के कार्यालय ने रणवीर सिंह के खिलाफ 'असहयोग निर्देश' (NCD) जारी करने का फैसला किया है।'
रणवीर सिंह और फरहान अख्तर विवाद में अब आगे क्या होगा?
सबसे पहली बात तो यह है कि फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह के खिलाफ कानूनी रास्ता नहीं अपनाया है। वह किसी अदालत में नहीं गए। उन्होंने एक फिल्म संस्था में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है, जहां उनकी कंपनी Excel Entertainment ने 'डॉन 3' के प्री-प्रोडक्शन पर खर्च हुए ₹45 करोड़ का सबूत दिया है। कंपनी ने रणवीर सिंह की उन शिकायतों का जवाब भी दिया, जिसकी वजह से उन्हें Don 3 से बाहर होना पड़ा था। FWICE ने उन सभी दस्तावेजों को सबूत मानते हुए और रणवीर से मनचाहा जवाब न मिलने पर अपना फैसला लिया है।
FWICE का दावा है कि फिल्म इंडस्ट्री के 30 अलग-अलग विभाग से 4 लाख से ज्यादा सदस्य उनसे जुड़े हैं। इसमें क्रू मेंबर्स से लेकर तकनीकी टीम के लोग भी हैं। अब जब रणवीर सिंह ने कोर्ट जाने का फैसला किया है तो वहां FWICE अपने फैसले को सही साबित करने के लिए तर्क देगी। यदि अदालत भी यह मानती है कि गलती रणवीर सिंह की है, तो एक्टर के फ्यूचर प्रोजेक्ट्स में मुश्किलें आ सकती हैं।
फरहान अख्तर की कंपनी लगातार यह मांग कर रही है कि उन्हें अपने ₹45 करोड़ के नुकसान का हर्जाना चाहिए। उन्होंने खर्चों के सबूत भी दिए हैं। ये दस्तावेज अदालत में भी पेश हो सकते हैं। ऐसे में यदि अदालत को यह दावे तर्कसंगत लगते हैं तो रणवीर सिंह को हर्जाने का भुगतान करना होगा।
फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर्स का फिल्म छोड़ना कोई नहीं बात नहीं है। इस कारण प्रोड्यूसर्स को घाटा होना भी लाजिमी है। ऐसे मामलों में आम तौर पर आपसी सहमति से विवाद सुलझाना ही सबसे सही उपाय होता है। ऐसे में यह भी संभव है कि आगे अदालत भी यही निर्देश दे कि दोनों पक्ष किसी मध्यस्थ की मौजूदगी में यह विवाद सुलझा लें।
रणवीर सिंह ने FWICE को कोर्ट में क्यों घसीटा?
जब बीते हफ्ते यह पूरा विवाद अपने चरम पर पहुंचा, उस समय FWICE ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि उनकी ओर से रणवीर सिंह को पक्ष रखने के लिए तीन बार बुलाया गया। लेकिन एक्टर और उनकी टीम से कोई इसके लिए तैयार नहीं हुआ। रणवीर सिंह के प्रतिनिधि ने FWICE को एक ईमेल लिखा, जिसमें यह कहा कि इस मामले पर फिल्म संस्था का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, क्योंकि यह विवाद एक एक्टर और एक प्रोड्यूसर के बीच का है।
रणवीर सिंह ने FWICE के 'बैन' पर दिया था ये बयान
रणवीर सिंह ने उसी दिन एक बयान जारी किया, जिस दिन FWICE ने उनके खिलाफ निर्देश जारी किया था। एक्टर की टीम की ओर से बयान में कहा गया, 'रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और Don फ्रेंचाइजी से जुड़े सभी लोगों का बहुत सम्मान करते हैं। Don 3 से जुड़े हाल के घटनाक्रमों के दौरान उन्होंने जान-बूझकर चुप्पी साधे रखने का फैसला किया, क्योंकि उनका मानना है कि पेशेवर चर्चाओं और निजी संबंधों को गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ ही सुलझाना सबसे अच्छा होता है।'
रणवीर सिंह ने 'डॉन 3' क्यों छोड़ी?
यह एक ऐसी पहेली है, जिसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, FWICE से पहले जब 'प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया' ने रणवीर और फरहान के बीच मध्यस्थता की कोशिश की थी, तब कुछ अहम वजहें सामने आईं-
पहली वजह यह थी कि रणवीर सिंह को स्क्रिप्ट का अंतिम ड्राफ्ट पसंद नहीं आया। हालांकि, यह ड्राफ्ट उन्हें शूटिंग शुरू होने से कई महीने पहले ही भेज दिया गया था। लेकिन जब दिसंबर 2025 में 'धुरंधर' रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर बनी, उसके कुछ दिन बाद 'डॉन 3' की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले रणवीर ने स्क्रिप्ट में बदलाव की मांग रखी।
दूसरी वजह यह बताई जाती है कि रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच 'डॉन' के किरदार को लेकर 'क्रिएटिव डिफरेंस' हुए। 'धुरंधर' की सफलता के बाद रणवीर चाहते थे कि 'डॉन 3' में भी खून-खराबा, हिंसा और डायलॉग्स में थोड़ी गाली वाली भाषा जोड़ी जाए। लेकिन फरहान इसके लिए तैयार नहीं थे। फरहान का तर्क था कि 1978 में आई 'डॉन' और फिर 2006 और 2011 में आई फ्रेंचाइज की फिल्मों में लीड किरदार का अपना एक स्टाइल है और उसमें गाली या हिंसा का अतिरेक बिल्कुल नहीं है।
तीसरी वजह यह थी कि 'डॉन 3' की घोषणा सबसे पहले 2023 में हुई थी। यह प्रोजेक्ट काफी लेट हो गया। पहली घोषणा के दो साल से भी ज्यादा समय बाद जाकर इसकी शूटिंग शुरू होने वाली थी। इस बीच, जहां रणवीर 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी की शूटिंग में व्यस्त थे, वहीं उन्हें फरहान के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत महसूस हुई। फरहान भी इस दौरान अपने म्यूजिकल टूर 'फरहान लाइव' और अपनी रजनीश घई की मिलिट्री एक्शन थ्रिलर फिल्म '120 बहादुर' के लिए ट्रेनिंग और शूटिंग में व्यस्त थे। इस फिल्म की रिलीज होने के बाद ही फरहान पूरी तरह से 'डॉन 3' पर ध्यान दे पाए।
चौथी वजह यह मानी जाती है कि बढ़ते खर्चों को देखते हुए Don 3 का बजट भी आधा कर दिया गया। जबकि तीन साल पहले जब यह फिल्म पहली बार रणवीर सिंह को ऑफर की गई थी, तब इसका बजट कुछ और था। 'वेराइटी इंडिया' के मुताबिक, शुरू में मौखिक तौर पर जो बजट बताया गया था वह ₹300 करोड़ से ₹350 करोड़ था, लेकिन जब फिल्म का प्री-प्रोडक्शन शुरू हुआ तब तक बजट घटाकर लगभग ₹150 करोड़ कर दिया गया था।
पांचवीं वजह, बजट कम करने के कारण कथित तौर पर रणवीर सिंह की फीस भी काफी कम कर दी गई थी। जबकि 'धुरंधर' के ब्लॉकबस्टर होने के बाद रणवीर अपनी फीस कम करने के लिए तैयार नहीं थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रणवीर सिंह को 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' से कोई साइनिंग अमाउंट भी नहीं मिला।
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