कूनो में ज्वाला अपने शावकों के साथ 6 बकरियों शिकार किया, युवक का चीता के झुंड को पानी पिलाने का वीडियो अब जमकर वायरल

श्योपुर
 अगर आपका सामना शेर, तेंदुआ या फिर चीते से हो जाए तो क्या होगा. सुनकर ही शरीर में सिहरन दौड़ जाती है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति इस भीषण गर्मी में चीतों के झुंड को पानी पिलाए तो इसे पशुओं से बेइंतहा प्रेम कहें या फिर दुस्साहस. ये कहानी कोई काल्पनिक नहीं है. बल्कि सच है. कूनो नेशनल पार्क के चीते शिकार करने के बाद छांव में बैठे हुए थे. इन्हें भीषण गर्मी में पानी की सख्त जरूरत थी. लेकिन आसपास पानी नहीं था.

पेड़ की छांव में बैठे 6 चीतों की प्यास बुझाई

ऐसे में एक ग्रामीण ने प्लास्टिक का बर्तन पानी से भरा और चीतों के झुंड के पास ले जाकर इसे रख दिया. चीतों ने छककर पानी पीया और फिर पेड़ की छांव में विश्राम करने लगे. दरअसल, कई दिनों से कूनो नेशनल पार्क से चीतों का झुंड बाहर घूम रहा है. इनकी संख्या 6 है. इन चीतों ने उमरी गांव में 6 बकरियों शिकार किया और फिर जमकर दावत उड़ाई. मादा चीता ज्वाला और उसके शावकों के दो वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं. इनमें ज्वाला चीता अपने शावकों के साथ बकरियों का शिकार करती नजर आ रही है.


बकरियों का शिकार के बाद चीते प्यासे थे

वहीं, एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. इसमें एक ग्रामीण चीता और उसके शावकों को पानी पिलाते नजर आ रहा है. ये वही चीते हैं, जिन्होंने बकरियों का शिकार करके पेट भरा था. ये चीते पानी नहीं मिलने से परेशान थे, क्योंकि शिकार का भोजन करने के बाद चीतों को पानी की सख्त जरूरत थी. प्यास से परेशान चीते पेड़ के नीचे छांव में बैठकर हांफ रहे थे. उमरी कलां गांव के पास खेतों में जब ग्रामीण सत्यनारायण गुर्जर ने देखा कि चीते प्यास से परेशान हैं तो प्लास्टिक के बर्तन में पानी भरा और चीतों के झुंड के पास ले जाकर रख दिया. चीतों ने छककर पानी पीया. इस घटना से ये बात फिर साबित हो गई कि चीता इंसानों के लिए खतरा नहीं, बल्कि उनके मित्र हैं. हालांकि वन विभाग की टीम चीतों की मॉनिटरिंग भी कर रही हैं.

कूनो नेशनल पार्क में 120 चीता मित्र भी हैं

कूनो नेशनल पार्क के अधिकारी बताते है "चीतों से इंसानों को कोई खतरा नहीं है. चीते इंसानों को देखकर अपना रास्ता मोड़ लेते हैं. चीतो की निगरानी के लिए कूनो नेशनल पार्क की मॉनिटरिंग टीम सहित वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है." बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में 120 चीता मित्रों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन चीता मित्रों के साथ संवाद किया था. चीता मित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. खासकर ऐसे समय जब चीते पार्क की सीमा लांघते हैं. चीता मित्रों की अहम जिम्मेदारी ग्रामीणों को जागरूक कर मानव-चीता द्वंद्व रोकने की है.

 

#cheetah

Source : Agency

14 + 5 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881