उम्रकैद के फैसले के बाद महिला जज की सुरक्षा पर बड़ा कदम, DGP ने कोर्ट में सौंपा हलफनामा

नर्मदापुरम

 नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में कथित गो तस्करी के बाद उग्र भीड़ की हिंसा में हुई हत्या के मामले में 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली सेशन जज तबस्सुम खान को इंटरनेट मीडिया पर मिली धमकियों के मामले में गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।

प्रशासनिक न्यायमूर्ति आनंद पाठक व न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ के समक्ष पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की ओर से हलफनामा पेश कर महिला न्यायाधीश की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्योरा दिया गया।

महिला न्यायाधीश को धमकियां मिलने की घटना को न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था।

युगलपीठ ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग से हलफनामा प्रस्तुत कर यह बताने के निर्देश दिए थे कि न्यायिक अधिकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।

सुनवाई के दौरान शासन की ओर से बताया गया कि महिला जज को सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है तथा आपत्तिजनक इंटरनेट मीडिया पोस्ट के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की गई है।

पूर्व सुनवाई में हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि फैसले का जवाब अपील है, जज को धमकी नहीं। अदालत ने कहा कि कानून के शासन में असहमति का अधिकार है, लेकिन न्यायाधीश को डराने या दबाव बनाने का अधिकार किसी को नहीं है।

 

 

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Source : Agency

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