बांधवगढ़ में बाघों की गणना से पहले अधिकारी-कर्मचारी तैयार, कैमरा ट्रैप और डेटा कलेक्शन की ट्रेनिंग

उमरिया
 बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साल 2026 में होने वाली बाघ की गणना को लेकर अधिकारी कर्मचारियों को लगातार ट्रेंड किया जा रहा है. इसके लिए 3 नवंबर से लेकर 5 नवंबर तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिवसी मास्टर ट्रेनर की ट्रेनिंग कराई गई. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

50 से अधिक कर्मचारी और अधिकारियों ने लिया हिस्सा

3 नवंबर से 5 नवंबर तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला ईको केंद्र में विशेष ट्रेनिंग आयोजित की गई, जिसमें वन मंडल स्तरीय मास्टर ट्रेनर और समन्वय अधिकारियों की ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग आयोजित की गई थी, जहां 7 मंडलों के 50 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. इसमें कर्मचारी और अधिकारियों को अलग-अलग लेवल की ट्रेनिंग कराई गई. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहे.

फील्ड सेशन में डाटा कलेक्शन सहित कई बिंदुओं पर चर्चा

3 दिवसीय ट्रेनिंग के आखिरी दिन भोपाल से आए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एल कृष्णमूर्ति भी शामिल हुए, जहां उन्होंने फील्ड सत्र में हिस्सा लिया. इस दौरान एल कृष्णमूर्ति के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय और उपसंचालक पीके वर्मा भी सम्मिलित थे. फील्ड सेशन में फील्ड में डाटा कलेक्शन में आने वाली कठिनाइयों और छोटी-छोटी गलतियां के निराकरण पर ध्यान दिया गया.

कैमरा ट्रैप में इन बातों पर फोकस

फील्ड सत्र के बाद WII देहरादून से आए आशीष प्रसाद और मास्टर ट्रेनर कमलेश नंदा ने क्लासरूम सेशन भी लिया और फील्ड में आने वाली समस्याओं का निराकरण किया. बाघों की गणना में कैमरा ट्रैप का बहुत बड़ा रोल होता है, फील्ड में कैमरा ट्रैप लगाने में अक्सर गलतियां हो जाती हैं, ऐसे में कौन सी छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जिन पर फोकस करने की जरूरत है, फील्ड में होने वाली इन छोटी छोटी गलतियों पर भी ध्यान दिया गया.

इन कारणों से बाघ गणना में सही संख्या नहीं मिलती

कई बार कैमरा ट्रैप को गलत दिशा में, दूरी एवं ऊंचाई पर लगाने के कारण फोटो ब्लर हो जाती है और टाइगर नहीं मिल पाता है. जिसके चलते बाघ गणना में सही संख्या नहीं मिल पाती. इसके अलावा कैमरा ट्रैप आईडी और स्थान भी मिसमैच होने के चलते डाटा कलेक्शन में दिक्कत होती है. ऐसी छोटी-छोटी गलतियों पर भी फोकस किया गया, उन गलतियों को सुधारने के तरीके भी बताए गए.

बांधवगढ़ बाघों का गढ़

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि "ये तीन दिवसीय ट्रेनिंग थी, जिसमें 7 वन मंडल के 50 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और मास्टर ट्रेनर बने. यह तैयारी 2026 में होने वाली बाघ गणना के लिए हो रही है. बाघ गणना 2026 की तैयारी की समीक्षा भी की गई. साथ ही इसे सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी सभी अधीनस्थों को दिए.

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ माना जाता है, इसीलिए पूरे मध्य प्रदेश में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मिलने वाले बाघों की संख्या पर सबकी नजर रहेगी. टाइगर रिजर्व प्रबंधन भी बाघों की सटीक और सही गणना के लिए लगातार ट्रेनिंग और तैयारी कर रहा है. इससे पहले साल 2022 में बाघों की गणना की गई थी, जिसमें 165 बाघ मिले थे, इस बार देखना दिलचस्प होगा की बाघों की संख्या कहां तक पहुंचती है.

 

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Source : Agency

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