2027 चुनाव से पहले राजनीतिक वार-पलटवार तेज: केशव मौर्य ने अखिलेश यादव को घेरा

नई दिल्ली

पश्चिमी बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती के रुझानों के बीच ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया के जरिए वार-पलटवार का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। केशव मौर्य ने न केवल अखिलेश यादव के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाए, बल्कि 'इंडिया' गठबंधन के प्रमुख चेहरों—ममता बनर्जी, एमके स्टालिन और राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया है। दरअसल पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में स्टालिन वोटों के रुझान में हारते नजर आ रहे हैं।

विपक्षी गठबंधन पर 'हाशिए' वाला प्रहार
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर ट्वीट करते हुए लिखा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अब उत्तर प्रदेश की जनता सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय क्षत्रपों पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन 'दीदी' (ममता बनर्जी) और 'भैया' (एम.के. स्टालिन) के भरोसे अखिलेश अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे थे, देश की जनता ने उन्हें हाशिए पर धकेल दिया है।

मौर्य ने तंज कसते हुए आगे लिखा, "अखिलेश यादव के 'भैया' राहुल गांधी का हाल तो पूरा देश पहले ही देख चुका है। हाल ही में बिहार में तेजस्वी यादव भी 'चारों खाने चित्त' हो चुके हैं। ऐसे में अखिलेश का इन नेताओं के साथ गठबंधन केवल डूबती कश्ती का सहारा है।"

2027 के 'सत्ता के सपनों' पर प्रहार
केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अब 2027 में उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी के मुंगेरीलाल के सपने देखना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों के सामने विपक्ष की नकारात्मक राजनीति पूरी तरह विफल हो चुकी है।

डिप्टी सीएम ने तंज भरे लहजे में 'सपा बहादुर' शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा, "सच तो यह है कि मोदी जी के नेतृत्व में अब सपा के हिस्से में केवल 'अंतहीन इंतजार' ही लिखा है। जनता का विश्वास अब सिर्फ और सिर्फ भाजपा के साथ है।"

सियासी गलियारों में चर्चा तेज
केशव मौर्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब समाजवादी पार्टी लगातार 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे के साथ खुद को 2027 के लिए तैयार बता रही है। मौर्य का यह हमला स्पष्ट करता है कि भाजपा यूपी चुनावों से पहले सपा के राष्ट्रीय स्तर के गठबंधनों की विफलता को जनता के बीच मुद्दा बनाएगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि केशव मौर्य ने इस ट्वीट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि अखिलेश यादव के सहयोगी दल उन्हें चुनावी वैतरणी पार कराने में अब सक्षम नहीं हैं।

 

#Keshav Prasad Maurya

Source : Agency

6 + 11 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881