भीषण गर्मी से मिलेगी राहत! MP में 29, 30 और 31 मई को बारिश-आंधी का अलर्ट जारी

भोपाल

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। नौतपा के दिनों में आसमान से मानों आग बरस रही है, जिसने कई क्षेत्रों में जन - जीवन अस्त - व्यस्त कर दिया है। नौतपा के तीसरा दिन प्रदेश जमकर तपा। यहां छतरपुर के खजुराहो में पारा 46 डिग्री के पार दर्ज हुआ। जबकि, 16 शहरों का तापमान 44 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया। वहीं, राजधानी भोपाल स्थित राज्य मौसम विभाग ने आगामी 3 दिन यानी 29, 30 और 31 मई तक प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून एक्टिविटी के तहत बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में श्योपुर, ग्वालियर और मुरैना समेत 14 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 28 मई तक गर्मी का दौर पीक पर रहेगा। अगले 3 दिन तक यानी 29, 30 और 31 मई तक कई जिलों में बारिश और प्री-मानसून एक्टिविटी की चेतावनी जारी की गई है। इससे पहले मंगलवार को छतरपुर के खजुराहो में 46.4 डिग्री और नौगांव में 45.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

एमपी में 29 मई से प्री मानसून की दस्तक
मौसम वैज्ञानिक की माने तो 29 मई से प्रदेश में प्री-मानसूनी दस्तक होने जा रही है। इससे कुछ जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है। इनमें मुख्य रूप से श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, निवाड़ी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बारिश होने से तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोगों की भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। प्री मानसून का कारण पश्चिमी हिस्से से गुजर रहा टर्फ सिस्टम बताया जा रहा है।

किस जिले में कितना तापमान
वहीं राजगढ़ 44.6, दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री, रीवा 44.8 डिग्री और राजगढ़ 44.6 डिग्री, श्योपुर 44.4, गुना 44.3, नरसिंहपुर 44.2, सागर 44, मंडला 44, मुरैना और रायसेन समेत कई शहरों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास पहुंच गया। ग्वालियर का तापमान 44.1 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री तापमान रहा।

मॉनसून की तारीख (Monsoon date)
आम तौर पर मॉनसून सीजन 1 जून के आसपास शुरू होता है. पिछले साल मॉनसून 1 जून 2025 को 8 दिन पहले 24 मई को ही केरल तट पर पहुंच गया था. मॉनसून ने औसत से 9 दिन पहले 29 जून को ही पूरे देश को कवर भी कर लिया था.भारत मौसम विभाग ने इस साल जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है।

मॉनसून के पहले कहां- कब बारिश

    उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में 28 से 30 मई
    हिमाचल में 28-29 मई को बारिश, आंधी
    दिल्ली, पंजाब, हरियाणा,में 28 से 31 मई
    पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 से 31 मई के बीच
    राजस्थान में 28 और 29 मई को आंधी, बारिश
    मध्य प्रदेश, गोवा में 29 मई तक बारिश
    महाराष्ट्र में 26 से 28 मई, गुजरात में 30 से 1 जून के बीच
    बिहार, ओडिशा में 26 से 30 मई के बीच आंधी, बारिश
    झारखंड में एक हफ्ते तक का रेन अलर्ट
    मुंबई, केरल में भी 28-29 तक बारिश

मॉनसून में कम बारिश के संकेत
मौसम विभाग के आकलन (Monsoon Mission Climate Forecast System) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अल नीनो के हालात पैदा हो सकते हैं. इस कारण इस साल मॉनसून सीजन में कम बारिश होने के संकेत हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि जून में परिस्थितियां बारिश के लिए सामान्य रहेंगी. इसके बाद अल नीनो सक्रिय होने का ज्यादा असर मॉनसून की बारिश पर अगस्त और सितंबर महीनों में पड़ने का अंदेशा है।

मॉनसून की बारिश पर निर्भर खेती
मॉनसून की बारिश कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसका सीधा असर खरीफ सीजन के दौरान फसलों की बुवाई पर पड़ता है. IMD के मुताबिक, भारत में अधिकतर खरीफ फसलों की बुवाई जून और जुलाई महीने में हो जाती है. ऐसे में भारत मौसम विभाग का अनुमान है की इस साल मॉनसून सीजन के दौरान औसत से कम बारिश होने का ज्यादा असर खरीफ फसलों की बुवाई पर नहीं होगा।

गर्मी को लेकर इन जिलों में अलर्ट
रेड अलर्ट – छतरपुर, निवाड़ी, सतना, टीकमगढ़, रीवा और पन्ना।
ऑरेंज अलर्ट – ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिंगरौली, सागर, सीधी, राजगढ़, भिंड, मुरैना, मऊगंज, मैहर, दतिया, दमोह, कटनी, बालाघाट, शहडोल, मंडला, आगर-मालवा और उमरिया में ऑरेंज अलर्ट है।

येलो अलर्ट – भोपाल, उज्जैन, खंडवा, विदिशा, सीहोर, रतलाम, रायसेन, देवास, खरगोन, बुरहानपुर, शाजापुर, नरसिंहपुर, नीमच, शिवपुरी, श्योपुर, सिवनी, अशोकनगर, अनूपपुर, गुना, मंदसौर, डिंडोरी और पांढुर्णा में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बादल छाने के साथ बारिश की संभावना

दक्षिणी बिहार और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। साथ ही दक्षिण बिहार से झारखंड, ओडिशा होते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ फैली हुई है। इन सिस्टमों के असर से पूर्वी भारत के कई इलाकों में बादल छाने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके बाद मौसम में बदलाव और गर्मी से हल्की राहत मिलने के संकेत हैं। अधिकारियों के मुताबिक देशभर में मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

 

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Source : Agency

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