मध्य प्रदेश कांग्रेस में फूट का संकेत: दिग्विजय सिंह को कार्यक्रम में न्यौता नहीं, अंदरूनी विवाद सामने

मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह: दिग्विजय सिंह से दूरी, कार्यक्रम का न्यौता नहीं

क्या मध्य प्रदेश कांग्रेस में सब ठीक है? दिग्विजय सिंह को नजरअंदाज कर अंदरूनी मतभेद उभरे

मध्य प्रदेश कांग्रेस में फूट का संकेत: दिग्विजय सिंह को कार्यक्रम में न्यौता नहीं, अंदरूनी विवाद सामने

इंदौर
  प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और इंदौर शहर कांग्रेस के बीच की खटास शुक्रवार को एक बार फिर दिखी, जब शहर कांग्रेस ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में अपने वरिष्ठ नेता को न्यौता तक नहीं दिया।

इंदौर में हुए इस आयोजन से दिग्विजय सिंह पूरी तरह अलग-थलग नजर आए। शहर कांग्रेस कमेटी ने सुबह सरदार पटेल प्रतिमा और इंदिरा गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर देश की एकता और अखंडता की शपथ दिलाई, वहीं सिंह आयोजन के लगभग एक घंटे बाद अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और अलग से माल्यार्पण किया।

बताया जा रहा है कि शहर कांग्रेस और दिग्विजय सिंह के बीच मतभेद पिछले महीने से चल रहे हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने सितंबर में एक बैठक में यह साफ कहा था कि भोपाल या बाहर से कोई भी नेता बिना स्थानीय संगठन को सूचना दिए इंदौर में कोई कार्यक्रम नहीं कर सकता। हालांकि उन्होंने दिग्विजय सिंह का नाम नहीं लिया था, लेकिन सभी जानते थे कि यह टिप्पणी उन्हीं की ओर इशारा थी।

दिग्विजय सिंह और शहर अध्यक्ष के बीच खटास जारी

27 सितंबर को दिग्विजय सिंह सीतलामाता बाजार पहुंचे थे, जहां उन्होंने मुस्लिम कर्मचारियों को दुकानों से हटाने के विरोध में प्रदर्शन किया था। सिंह ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चौकसे को भी वहां बुलाया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। अगले ही दिन गांधी भवन में हुई बैठक में चौकसे ने सख्त लहजे में कहा था कि बाहर से आने वाले नेता बिना अनुमति आयोजन नहीं कर सकते। इसके बाद से दोनों के बीच दूरी बढ़ गई। कुछ कांग्रेस नेताओं ने चौकसे के खिलाफ राहुल गांधी को पत्र लिखकर शिकायत भी की थी।

अब एक महीने बाद जब दिग्विजय सिंह फिर इंदौर आए, तो न शहर कांग्रेस ने उन्हें बुलाया और न ही वे शहर अध्यक्ष के किसी कार्यक्रम में शामिल हुए। हालांकि चौकसे ने सफाई देते हुए कहा कि “दिग्विजय सिंह की व्यस्तताएं थीं, इसलिए वे हमारे आयोजन में शामिल नहीं हो सके और बाद में माल्यार्पण करने पहुंचे।”

दिग्विजय का चुनाव आयोग पर निशाना

इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "चुनाव आयोग देश बांटने की प्रक्रिया में शामिल हो गया है। अब नागरिकों को खुद यह प्रमाण देना पड़ रहा है कि वे भारतीय हैं या नहीं। जबकि मतदाता सूची में नाम जोड़ना आयोग की जिम्मेदारी है। भाजपा के इशारे पर संवैधानिक संस्थाएं पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रही हैं।"

 

 

#Digvijay Singh

Source : Agency

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