237+ स्ट्राइक रेट और आक्रामक अंदाज के साथ वैभव सूर्यवंशी बने क्रिकेट का नया आकर्षण

नई दिल्ली
वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का वह नाम बन चुके हैं, जिन्हें इस साल 'must-watch show' कहा जा रहा है. कमेंट्री में साफ कहा गया- इंग्लैंड दौरे से पहले ही उनके इर्द-गिर्द मीडिया फ्रेंजी तय है और इसका असर सीधे स्टेडियम की टिकट बिक्री तक दिख सकता है.

इंग्लैंड के क्रिकेट पंडितों से लेकर पूर्व खिलाड़ियों तक... हर कोई मान रहा है कि यह किशोर बल्लेबाज सिर्फ रन नहीं बनाता, बल्कि मैच का पूरा माहौल बदल देता है.

IPL प्रदर्शन के बाद उन्हें भारत की टी20 टीम में शामिल किया गया है और अब चर्चा इस बात की है कि जैसे ही वह इंग्लैंड दौरे पर उतरेंगे, वहां मीडिया और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ सकती है. एक कमेंट्री चर्चा में यहां तक कहा गया- 'ECB खुश होगा, क्योंकि इससे टिकट और बिकेंगे.'

दरअसल, 15 साल के भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता इवेंट बन चुके हैं. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर एलिजाबेथ अमोन और मार्क बुचर की बातें सुनकर साफ है- दौरा नहीं, अब 'शो' शुरू होने वाला है.

मार्क बुचर ने तो सीधे टिकटिंग विभाग को ही मैसेज भेज दिया- 'ECB खुश होगा… ये लड़का स्टेडियम भरवा देगा!' मतलब क्रिकेट कम, और ‘वैभव इफेक्ट’ ज्यादा.

और यह कहना भी मुश्किल नहीं कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (England and Wales Cricket Board) अब चुपचाप कैलेंडर पर इस सीरीज को गोल कर चुका होगा- जहां क्रिकेट भी होगा और हाइप भी.
   
'नेट्स में भी बॉलर पूछते हैं- भाई, डालूं कहां?'
लियाम लिविंगस्टोन जैसे खिलाड़ियों की बात मानें तो वैभव नेट्स में भी वही करते हैं जो मैच में करते हैं- सीधा हमला. और पैट कमिंस का हाल तो और मजेदार है- 'समझ ही नहीं आता, इसे गेंद डालूं कहां!'

मतलब बॉलर का प्लान नहीं, अब वैभव का मूड तय करता है मैच.
आंकड़े नहीं, यह क्रिकेट का अलार्म है
- 237+ की स्ट्राइक रेट पूरे IPL टूर्नामेंट में
- सबसे ज्यादा रन
- सबसे ज्यादा छक्कों की बरसात

और ये सब किसी अनुभवी स्टार ने नहीं… 15 साल के बच्चे ने किया है.

एलिजाबेथ अमोन का रिएक्शन भी सीधा था- '237 स्ट्राइक रेट? यह क्रिकेट नहीं, तबाही है.'

'डिफेंस? वो तो शायद डिक्शनरी में देखा होगा!'
उनके बचपन के कोच मनीष ओझा का खुलासा और भी दिलचस्प है-  'मैंने उसे कभी डिफेंस की प्रैक्टिस करते नहीं देखा.'

यानी किताबें शायद कहती हों तकनीक, लेकिन वैभव की किताब में सिर्फ एक ही चैप्टर है- अटैक, अटैक और अटैक.

इंग्लैंड में असली टेस्ट: स्विंग या शो?
अब कहानी सिर्फ टैलेंट की नहीं, टेम्परामेंट की है.
इंग्लैंड की स्विंग, ओवरकास्ट आसमान और सख्त विकेट या फिर वैभव का वही पुराना अंदाज?

एक बात तय है- स्टेडियम में लोग मैच देखने कम, और 15 साल के उस लड़के का तूफान देखने ज्यादा आएंगे.

वैभव को लेकर जो सबसे बड़ी बात निकलकर आती है, वह सिर्फ उनका रन या स्ट्राइक रेट नहीं है, बल्कि उनका इम्पैक्ट फैक्टर है. कमेंट्री में कहा गया है कि वह ऐसे बल्लेबाज हैं जो मैच के साथ-साथ पूरा माहौल बदल देते हैं. वह गेंदबाजों के लिए अनिश्चितता, दर्शकों के लिए रोमांच और आयोजकों के लिए बड़ा कमर्शियल आकर्षण हैं.

इसी वजह से इंग्लैंड जैसे बड़े मंच पर उनके संभावित प्रदर्शन को सिर्फ क्रिकेटिंग टैलेंट नहीं, बल्कि 'स्टेडियम-ड्रिवन इकोनॉमी' से भी जोड़ा जा रहा है. आसान शब्दों में- वैभव अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भीड़ खींचने वाला एक बड़ा फैक्टर बन चुके हैं.

भारत का इंग्लैंड दौरा (टी20)
• 1 जुलाई: पहला टी20, चेस्टर ले स्ट्रीट
• 4 जुलाई: दूसरा टी20, मैनचेस्टर
• 7 जुलाई: तीसरा टी20, नॉटिंघम
• 9 जुलाई: चौथा टी20, ब्रिस्टल
• 11 जुलाई: पांचवां टी20, साउथम्प्टन

 

#Vaibhav Suryavanshi

Source : Agency

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